
सीतापुर नगर पंचायत के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर
सरकार की जन कल्याणकारी योजना को ठेंगा दिखाते भ्रष्ट अधिकारी
रुपेश गुप्ता सीतापुर -नगर पंचायत में हर घर शुद्ध पानी पहुंच सके इसलिए नगर पंचायत द्वारा क्लोरीन डोडर बॉक्स लगाने के लिए लगभग 46 लाख का टेंडर निकाला गया जिसके तहत नगर पंचायत के समस्त वार्डों में जो बोरिंग एवं वार्डों में नल सप्लाई कर रहे बोर मशीनों में क्लोरीन डोजर बॉक्स लगाना था।लेकिन ठेकेदार द्वारा अभी तक बोरवेल मशीनों में क्लोरीन डोडर बॉक्स नहीं लगाया गया है जबकि चुनिंदा वार्ड में बोरिंग में डोडर बॉक्स लगाया गया है टेंडर मिले ठेकेदार द्वारा नगर पंचायत अधिकारी और लेखापाल से मिली भगत कर अब तक लगभग 40 लाख की राशि ठेकेदार द्वारा आहरण किया जा चुका है ।
जबकि जिन बोर मशीनों के माध्यम से नगर के समस्त वार्डों में नल जल सप्लाई की जाती है उन बोर मशीन में अभी तक क्लोरीन डोजर बॉक्स नहीं लगा है।

आपको बता दें कि नगर पंचायत में परिषद की बैठक 30/05/2025 को रखी गई थी जिसमें क्लोरीन हेतु निविदा दरों के संबंध में विचार निर्णय लिया गया था।
वार्ड क्रमांक 02 के पार्षद भवानी सिंह ने बताया की सीतापुर की जनता को शुद्ध पेयजल मिल सके इसके लिए सभी पार्षदों ने परिषद की बैठक में निर्णय लिया था कि नगर पंचायत क्षेत्र में सप्लाई कर रहे समस्त बोर मशीनों में क्लोरीन डोजर बॉक्स लगाया जाना चाहिए जिससे नगर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके किंतु ठेकेदार के साथ अधिकारियों ने मिली भगत कर कार्य सही ढंग से नहीं किया गया जिन बोर मशीनों से पूरे नगर में पानी की सप्लाई होती है उन बर मशीनों पर अभी तक क्लोरीन डोजर बॉक्स नहीं लगा है और ठेकेदार द्वारा अधिकारियों से मिली भगत कर बिना कार्य किए ही 40 लाख रुपए की राशि भी आहरण भी किया जा चुका है।अगर मामले की जॉच की जाये तो सारे तथ्य सामने आ जाएँगे।
वह फिल
इस विषय पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी ओम प्रकाश शर्मा और नगर पंचायत के अध्यक्ष प्रेम दान से जानकारी मंगाने पर दोनों के द्वारा गोल मोल जवाब देकर मामले से भटकाने का प्रायास किया जा रहा। जबकि मुख्य नगर पालिका अधिकारी और अध्यक्ष के सहमति से ही ठेकेदार को भुगतान किया गया है।
नगर वासियों द्वारा नगर पंचायत में चल रही मनमानी के ख़िलाफ़ जॉच कर उचित कार्यवाही की माँग की जा रही है।













