
अवैध रेत उत्खनन पर ग्रामीणों का एकजुट विरोध, ट्रैक्टर रोककर दी सख्त चेतावनी
सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर राजेश गुप्ता
ग्राम कसकेला में अवैध रेत (बालू) उत्खनन के खिलाफ ग्रामीणों और युवाओं ने एकजुट होकर सख्त विरोध दर्ज कराया। रविवार सुबह गांव के समीप स्थित नदी-नाला क्षेत्र में बिना किसी वैध अनुमति के रेत उत्खनन किए जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा मौके पर पहुंच गए।
मौके पर पहुंचते ही ग्रामीणों ने उत्खनन में लगे ट्रैक्टर को तत्काल रुकवा दिया और कार्य में संलिप्त लोगों को कड़ी फटकार लगाई। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि भविष्य में बिना शासकीय अनुमति के इस प्रकार की गतिविधि दोबारा नहीं होनी चाहिए, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन से क्षेत्र के पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। इससे नदी और नालों का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ता है, जलस्तर में गिरावट आती है और भविष्य में जल संकट जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके साथ ही शासन को भी राजस्व की भारी क्षति होती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से आसपास के खेतों और जमीन की संरचना पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
युवाओं ने लिया संकल्प, नहीं होने देंगे अवैध कार्य
इस दौरान गांव के युवाओं ने एकजुटता दिखाते हुए संकल्प लिया कि कसकेला में किसी भी कीमत पर अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति अवैध रेत उत्खनन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल एसडीएम, तहसील प्रशासन और पुलिस विभाग को लिखित शिकायत की जाएगी, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन को दी जाएगी सूचना, जिम्मेदारी तय करने की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित निगरानी की जाए और अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे मामलों में वृद्धि हो सकती है, जिससे पर्यावरण और संसाधनों को और अधिक नुकसान पहुंचेगा।
गांववासियों से सतर्क रहने की अपील
ग्रामीणों ने गांव के सभी लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और कहीं भी अवैध उत्खनन या अन्य गैरकानूनी गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत प्रशासन को सूचना दें। साथ ही सभी से प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और गांव के विकास कार्यों में सहयोग करने का आग्रह किया गया।
जागरूकता का संदेश
ग्राम कसकेला के युवाओं और ग्रामीणों की यह पहल सामूहिक जागरूकता और एकजुटता का मजबूत उदाहरण है। यह घटना दर्शाती है कि यदि समाज एकजुट होकर प्रयास करे, तो किसी भी अवैध गतिविधि पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सकती है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।













