
गर्मी में पानी संकट से फूटा वार्डवासियों का गुस्सा, अवैध कब्जा और अवैध कनेक्शन का भी खुलासा
अध्यक्ष के मौके पर नहीं पहुंचने पर आक्रोश, सीएमओ और इंजीनियर पहुंचे वार्ड 13 – दो दिन में समाधान का आश्वासन सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर राजेश गुप्ता /भटगांव:– नगर पंचायत भटगांव के वार्ड क्रमांक 13 में गर्मी शुरू होते ही पानी की गंभीर समस्या को लेकर वार्डवासियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। पानी की कमी से परेशान लोगों ने सामूहिक रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष परमेश्वरी राजवाड़े को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन वार्डवासियों का आरोप है कि समस्या बताने के बाद भी अध्यक्ष मौके पर नहीं पहुंचीं, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष परमेश्वरी राजवाड़े व्यक्तिगत कार्यों के लिए अपने पसंदीदा लोगों के यहां तुरंत पहुंच जाती हैं, लेकिन जब आम जनता सामूहिक रूप से अपनी समस्या लेकर जाती है तो उनकी बात को अनसुना कर दिया जाता है। इस बात को लेकर वार्ड क्रमांक 13 के लोगों में खासा आक्रोश देखा गया।
इसी दौरान वार्डवासियों ने एक और गंभीर मामला उठाते हुए बताया कि एस.ई.सी.एल. के पुराने माइंस क्वार्टर के पास सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा कर अवैध निर्माण किया जा रहा है। इतना ही नहीं, संबंधित व्यक्तियों द्वारा नगर पंचायत की पानी सप्लाई लाइन में अवैध कनेक्शन लेकर सीधे अपने निजी सिंटेक्स टंकी में पानी लिया जा रहा है, जिसके कारण आसपास के कई घरों में पानी की समस्या और बढ़ गई है।
वार्डवासियों का यह भी आरोप है कि पहले से मौजूद सार्वजनिक बोरवेल पर भी कब्जा कर उसे घर के अंदर कर लिया गया है, जिससे आम जनता को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने इसे आम जनता के अधिकारों का खुला हनन बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, वार्डवासियों द्वारा ज्ञापन सौंपने के तुरंत बाद नगर पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश कुशवाहा और इंजीनियर निशांत गुप्ता वार्ड क्रमांक 13 पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों की समस्याएं सुनीं और दो दिनों के अंदर पानी की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
इस दौरान वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद विमलेश कुमार सिंह सहित लगभग दो दर्जन महिलाएं और कई पुरुष मौके पर मौजूद रहे। वार्डवासियों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आगे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।












