
खबर के बाद प्रशासन हरकत में, लेकिन वन अमला सवालों के घेरे में! स्थान: सीतापुर | जिला: सरगुजा SNT NEWS
सीतापुर में अवैध लकड़ी कटाई और भंडारण की खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया है।
तहसीलदार सीतापुर ने बताया कि प्रशासन ने एक्शन मोड में कार्रवाई करते हुए सुरेशपुर स्थित अवैध लकड़ी भंडारण स्थल पर दबिश दी और बड़ी मात्रा में भंडारित नीलगिरी लकड़ी जब्त की गई। अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।
हालांकि अभी तक केवल एक ठिकाने पर बड़ी कार्रवाई हुई है, जबकि दो अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी दबिश की बात कही गई है।
🚨 लकड़ी तस्करों में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है। लंबे समय से चल रहे अवैध भंडारण पर इसे पहली बड़ी चोट माना जा रहा है।
🌲 वन विभाग की भूमिका पर सवाल
जब सीतापुर के रेंजर विजय तिवारी से इस मामले में प्रतिक्रिया लेनी चाही गई, तो उनका कहना था —
“यह राजस्व की लकड़ी है, इस पर वन विभाग कार्रवाई नहीं कर सकता।”

यह बयान कई सवाल खड़े करता है।
क्या मामला केवल विभागीय सीमा का है ?
या वन अमला कार्रवाई से बच रहा है ?
नियमों के अनुसार लकड़ी का व्यापारिक भंडारण केवल वन विभाग द्वारा जारी लाइसेंस (Timber Depot License) के आधार पर ही किया जा सकता है।
कानूनी रूप से अवैध कटाई और भंडारण पर कार्रवाई सामान्यतः Indian Forest Act तथा संबंधित राज्य वन नियमों के तहत की जाती हैं यदि लकड़ी राजस्व भूमि से भी काटी गई हो– तब भी: अवैध परिवहन
बिना लाइसेंस भंडारण
बिना ट्रांजिट पास स्टॉक
इन मामलों में वन विभाग की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। कई मामलों में राजस्व और वन विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी बनती है।
बड़ा सवाल
क्या यह कार्रवाई सिर्फ रिपोर्ट तक सीमित रहेगी ?
या दोषियों पर सख्त वैधानिक प्रकरण दर्ज होगा ?

SNT NEWS इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रशासन आगे कितना कड़ा रुख अपनाता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।


Author: SNT NEWS
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