
शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को मिला व्यवहारिक ज्ञान
सरगुजा न्यूज़ टुडे ब्यूरो चीफ सूरजपुर राजेश गुप्ता यू.वी. संस्कार कॉलेज, लटोरी के बी.एड. विद्यार्थियों का मनाली शैक्षणिक भ्रमण सफल
सूरजपुर/लटोरी:– यू.वी. संस्कार कॉलेज, लटोरी के बी.एड. विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली का शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह भ्रमण महाविद्यालय की प्राचार्य शिल्पी श्रीवास्तव के मार्गदर्शन, महाविद्यालय सचिव प्रखर श्रीवास्तव के संरक्षण तथा शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष बिंदु सूर्वंशी के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
इस शैक्षणिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा-कक्षीय अध्ययन के साथ-साथ व्यवहारिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक अनुभव प्रदान करना था, ताकि वे शिक्षण के वास्तविक पक्षों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने भारत की आधुनिक इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण अटल टनल रोहतांग का अवलोकन किया। यहाँ उन्हें सामरिक महत्व, पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों तथा आधारभूत संरचना के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने सोलंग वैली का भ्रमण किया, जहाँ प्राकृतिक सौंदर्य के साथ पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियों के महत्व को समझा।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन के अंतर्गत विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक हिडिंबा देवी मंदिर के दर्शन किए और हिमाचल की लोकसंस्कृति, परंपराओं एवं जीवनशैली से परिचित हुए। भ्रमण को और अधिक रोचक बनाते हुए विद्यार्थियों ने नदी राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों में भी भाग लिया, जिससे उनमें आत्मविश्वास, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने पश्मीना शॉल फैक्ट्री का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्हें जीआई टैग प्राप्त पश्मीना उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया, हस्तशिल्प उद्योग तथा स्थानीय आजीविका से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
कॉलेज प्रबंधन एवं प्राध्यापकों के कुशल निर्देशन में यह संपूर्ण यात्रा सुरक्षित, अनुशासित एवं अत्यंत सफल रही। विद्यार्थियों ने इस शैक्षणिक भ्रमण को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं जीवनभर याद रहने वाला अनुभव बताया।
महाविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, व्यवहारिक सोच और सामाजिक समझ को सशक्त बनाते हैं तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।












