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धान है लेकिन टोकन नहीं! किसानों से क्यों उठ रहा भरोसा ? ऐप बोला समिति जाओ, समिति बोली वेरिफिकेशन होगा—किसान फंसा सिस्टम में”

छत्तीसगढ़ में किसान और टोकन व्यवस्था: अविश्वास की खेती क्यों कर रही सरकार ? ऐप बोला समिति जाओ, समिति बोली वेरिफिकेशन होगा—किसान फंसा सिस्टम में”
संपादकीय | शैफ फिरदौसी | SNT NEWS
छत्तीसगढ़ में पहले रकबा कटा, फिर रकबा संशोधन हुआ और अब किसानों के लिए टोकन व्यवस्था ही बंद कर दी गई। इन तमाम बदलावों ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है—आख़िर सरकार चाहती क्या है? या फिर नीति और सिस्टम की उलझन में किसान ही सबसे बड़ा शिकार बनते जा रहे हैं।
ज़मीनी हकीकत यह है कि कई समितियों में टोकन कटना अचानक बंद हो गया है। जब किसानों ने ऐप के ज़रिए टोकन काटने की कोशिश की तो उन्हें एक पॉप-अप नोटिफिकेशन मिला—
“अपने जिले की समिति से संपर्क करें।
समिति से संपर्क करने पर किसानों को बताया जा रहा है कि अब पहले आवेदन देना होगा, उसके बाद समिति के कर्मचारी किसान के घर जाकर धान का भौतिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) करेंगे। सत्यापन के बाद ही टोकन कटेगा।
यह पूरी प्रक्रिया कई सवाल खड़े करती है
क्या सरकार को अपने ही किसानों पर भरोसा नहीं रहा?
क्या हर किसान अब शक के दायरे में है ?
क्या किसान सरकार की नज़र में चोर बन चुका है ?
सरकार का तर्क हो सकता है कि यह कदम फर्जीवाड़ा रोकने के लिए उठाया गया है, लेकिन जिस तरीके से अचानक टोकन व्यवस्था बदली गई, उससे पारदर्शिता कम और भ्रम ज्यादा पैदा हुआ है। पहले से ही लागत, मौसम और बाज़ार की मार झेल रहे किसान अब दफ्तरों और समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की बात करने वाली सरकार अगर ऐप से टोकन काटने की सुविधा देती है, तो फिर उसी ऐप पर किसान को समिति भेजना किस तरह का सुधार है? यह व्यवस्था सुधार कम और अव्यवस्था ज़्यादा लगती है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
क्या सरकार किसानों के साथ साझेदार की तरह व्यवहार करना चाहती है या संदेह की निगाह से ?
यदि व्यवस्था में खामी है तो उसका समाधान किसानों को दोषी ठहराकर नहीं, बल्कि सिस्टम को मज़बूत बनाकर किया जाना चाहिए। वरना यह असंतोष आने वाले समय में एक बड़े किसान आंदोलन का रूप भी ले सकता है।
सरकार को चाहिए कि वह तुरंत स्थिति स्पष्ट करे, टोकन व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाए, और यह भरोसा दिलाए कि किसान संदेह का नहीं, सम्मान का पात्र है।

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Author: SNT NEWS

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