
जनजातियों का अपना समृद्ध गौरवशाली इतिहास- राम कुमार टोप्पो”
विद्यार्थियों ने जनजातीय जीवन पर केंद्रित व्यंजनों, पकवानों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का किया बेहतरीन प्रस्तुतीकरण
बतौली महाविद्यालय में “जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत: ऐतिहासिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान” पर कार्यशाला एवं व्याख्यानमाला संपन्न

बतौली:- बतौली महाविद्यालय में “जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत: ऐतिहासिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान” के विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं व्याख्यानमाला 06 दिसंबर 2025 को सीतापुर के विधायक माननीय रामकुमार टोप्पो के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. बी. आर. भगत ने किया। कार्यक्रम में व्याख्यानमाला के मुख्य वक्ता डॉ. पुनीत कुमार राय, विशिष्ट वक्ता इंदर भगत एवं चंचल पैकरा के साथ विशिष्ट अतिथि आशीष गुप्ता, मंडल अध्यक्ष बतौली, विश्वनाथ यादव, नितिन गुप्ता, पुरुषोत्तम पैकरा, संतोष गुप्ता, अनिमेष अग्रवाल, संजय यादव, लीलू यादव, बजरंग गुप्ता, अमरजीत पैकरा, रुपेश आर्य गुप्ता, विकासखंड शिक्षा अधिकारी शरद चंद्र मेषपाल, एकलव्य कन्या आवासीय विद्यालय के प्राचार्य अरविंद अशोक तिग्गा, विष्णु गुप्ता एवं शासकीय हाई स्कूल करदना के प्राचार्य राजेश गुप्ता मंचासीन थे। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी, बीरसा मुंडा, रानी दुर्गावती जैसे जनजाति महापुरुषों एवं नायकों की पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।


विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि जनजातियों का अपना समृद्ध गौरवशाली इतिहास रहा है जिसकी जानकारी युवाओं को होना आवश्यक है। जनजातीय संस्कृति और समृद्ध सीतापुर विधानसभा की पहचान अब बेहतर शैक्षणिक क्षेत्र के रूप हो रहा है जिसके लिए निरंतर प्रयास किया जा रहे हैं। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए एम. एल. ए. कोचिंग सेंटर के साथ-साथ अन्य शैक्षिक सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित नव चयनित डिप्टी कलेक्टर चंचल पैकरा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां के युवा सीमित संसाधनों में भी छत्तीसगढ़ राज्य सेवा परीक्षा के अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग में प्रथम स्थान अर्जित कर अपने मेहनत से एक नया मुकाम बना रहे हैं जो क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने जनजातीय संस्कृति एवं परम्परा को संरक्षित रखने और जल, जंगल और जमीन को सुरक्षित रखने की बात कहते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करने हेतु आहृवान किया।

विधायक के आगमन पर मुख्य द्वार में महाविद्यालय के विद्यार्थियों के द्वारा पारंपरिक वाद्य यंत्रों से स्वागत गीत एवं स्वागत नृत्य करते हुए भव्य स्वागत किया गया। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बी. आर. भगत ने प्रतिवेदन प्रस्तुत कर महाविद्यालय के शैक्षणिक गतिविधियों से अवगत कराया। “जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत: ऐतिहासिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान” कार्यक्रम के संयोजक प्रो. तारा सिंह मरावी ने कार्यशाला और व्याख्यान माला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए जनजातियों के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। सह-संयोजक प्रो. गोवर्धन प्रसाद सूर्यवंशी ने कार्यशाला एवं व्याख्यानमाला का संचालन किया। महाविद्यालय की अतिथि प्राध्यापक सुश्री शिल्पी एक्का ने कुडुख भाषा में उरांव जन जाति के रीति-रिवाज, परंपरा, खान-पान, वेश-भूषा एवं अन्य विशेषताओं का विवरण अपने व्याख्यान में प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र छात्राओं एवं प्राध्यापकों के द्वारा जनजातीय संस्कृति पर केंद्रित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण किया जिसमें सरगुजा में बोली जाने वाले कुडुख भाषा में प्रस्तुत स्वागत गीत, एवं करमा नृत्य विशेष उल्लेखनीय है। सरगुजा क्षेत्र में विशेष रूप से प्रचलित जनजातीय व्यंजनों की प्रदर्शनी पाक कला एवं पकवानों के स्टाल में लगाया गया जिसमें इस क्षेत्र में प्रचलित विभिन्न प्रकार के पकवानों एवं खान-पान की वस्तुओं, दोना पत्तल सहित विविध वस्तुओं का प्रदर्शन विद्यार्थियों के द्वारा किया गया। विद्यार्थियों द्वारा वन्य क्षेत्र के उपयोग में आने वाले फसलों, पत्ता एवं अन्य वस्तुओं का उपयोग कर एक ‘सेल्फी जोन’ भी बनाया था जिसमें महाविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने सेल्फी लिया। विधायक राम कुमार टोप्पो एवं अन्य उपस्थित अतिथियों ने स्टॉल का अवलोकन करते हुए पारंपरिक व्यंजनों का आस्वादन करते हुए विद्यार्थियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। विधायक महोदय ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता करने वाले प्रत्येक सांस्कृतिक दलों को 5000 रूपए एवं रंगोली, पोस्टर और पाक कला प्रतियोगिता में सहभागिता करने वाले प्रत्येक प्रतिभागियों को 1000 रूपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य बी. आर. भगत के मार्गदर्शन में आयोजित व्याख्यान माला एवं कार्यशाला में संयोजक प्रो. तारा सिंह मरावी, सह-संयोजक गोवर्धन प्रसाद सूर्यवंशी, प्रो. बलराम चंद्राकर, श्रीमती सुभागी भगत, प्रो. मधुलिका तिग्गा, सुश्री शिल्पी एक्का, गोपाल यादव एवं श्रीमती मनीषा एक्का के साथ गैर शैक्षणिक कर्मचारी राम प्रसाद राम, अक्षय आनंद कच्छप, असीम बेलस कुजूर एवं राजेश तिर्की के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों, स्वीप के कैंपस एंबेसडरों और हिंदी साहित्य विकास परिषद सहित समस्त संकायों के विद्यार्थियों ने सहभागिता किया।
Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









