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BREAKING -धान खरीदी में अनियमितताओं और लंबित मांगों को लेकर सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ करेगा अनिश्चितकालीन आंदोलन

धान खरीदी में अनियमितताओं और लंबित मांगों को लेकर सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ करेगा अनिश्चितकालीन आंदोलन

Subheadline 24 अक्टूबर से शुरू होगी आंदोलन की पहली चरण की रैली, 12 नवंबर से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी!

(News Story) By shaif firdousi
रायपुर। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर एवं समर्थन मूल्य धान खरीदी आपरेटर संघ रायपुर ने संयुक्त रूप से प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है।
संघों ने धान खरीदी और सहकारिता विभाग से जुड़ी चार प्रमुख लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध तरीके से विरोध कार्यक्रम तय किया है।

महासंघ का कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों और 2739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, लेकिन समितियों को समय पर भुगतान और कर्मचारियों को नियमित वेतन नहीं मिल पा रहा है।

संघ ने कहा कि धान उठाव में देरी, सुखत राशि का भुगतान न होना, और कंप्यूटर ऑपरेटरों की आउटसोर्सिंग व्यवस्था जैसी समस्याओं को लेकर सरकार की चुप्पी कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है।




मुख्य मांगें (Main Demands):

खाद्य विभाग से संबंधित मांगें:

1. धान खरीदी वर्ष 2023-24 और 2024-25 में परिवहन के बाद बचे सुखत धान की राशि समितियों को दी जाए।


2. आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर संविदा आपरेटरों को नियमित किया जाए।



सहकारिता विभाग से संबंधित मांगें:

1. प्रदेश की 2058 समितियों को कर्मचारियों के वेतन हेतु प्रति वर्ष ₹3 लाख प्रबंधकीय अनुदान दिया जाए।


2. कर्मचारियों को भविष्य निधि, महंगाई भत्ता, ईएसआईसी सुविधा एवं भर्ती में प्राथमिकता का प्रावधान लागू किया जाए।


आंदोलन की रूपरेखा (Protest Schedule):

1. 24 अक्टूबर 2025: सभी जिलों में जिला स्तरीय ज्ञापन रैली और प्रेस कॉन्फ्रेंस।


2. 28 अक्टूबर 2025: रायपुर में प्रदेश स्तरीय “महा हुंकार” रैली।


3. 3 से 11 नवंबर 2025: संभाग स्तरीय अनिश्चितकालीन आंदोलन।


4. 12 नवंबर 2025 से: मांगें पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी हड़ताल और अनिश्चितकालीन आंदोलन

संघ का बयान:
महासंघ ने कहा कि जब तक शासन उनकी चार सूत्रीय मांगों पर कैबिनेट से मुहर नहीं लगाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश के लगभग 15,000 समिति कर्मचारी और 2739 उपार्जन केंद्रों के संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर कार्य बंद कर देंगे।

Shaif firdousi
Author: Shaif firdousi

KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !

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