
सरगुजा जिले के मैनपाट में इन दिनों लोगों को भयंकर आग जैसी जलन गर्मी का सामना करना पड़ रहा है,,हम बात कर रहे हैं शिमला मैंनपाट कि जो छत्तीसगढ़ का हिल स्टेशन भी कहा जाता है यहां दुर दुर से शैलानी घुमने आते हैं यहां के खुबसुरत वादियों में कुछ पल बिताने लोग पहुंचते हैं लेकिन मई, महीने के अंतिम सप्ताह में यहां भयंकर गर्मी पड़ने लगी है दरअसल नौतपा चल रहा है हालांकि कि पहले जब नौतपा चलता था तों पारा 35.37 से ज्यादा नहीं पहुंचता लेकिन अब मैनपाट कि भंयकर गर्म के चपेट में आ गया है आखिर इतनी तपीस क्यों लग रहा है कारण बताता हूं
पेड़ों कि धुआंधार कटाई होने के चलते ठंड हवा चलना बंद हो गया है मैनपाट के अलग-अलग इलाकों में जंगल को काट कब्ज़ा करने में लोग महगुल है इस ओर वन विभाग भी रोकने में असमर्थ नज़र आ रहा है इस कारण यह नतीजा है कि मैंनपाट में पारा 40के पार पहुंच गया।।
बाकसाईड उत्खनन से पर्यावरण प्रभावित:-मैनपाट के अलग अलग इलाकों में बॉक्साइट उत्खनन कर तपीस को बढ़ाने में लगी है,बाकसाईड उत्खनन होने से गर्मी में प्रभाव देखने को मिल रहा है लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान देने के बजाय बढ़ावा देने में लगे है,,
और आने वाले समय में अगर इन सब विषयों पर रोक नहीं लगाया गया तों मैनपाट के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगेगा।।।


Author: Ramjaan Khan









