मैनपाट रोपाखार का युवा होनहार अरुण मिंज बना फौजी क्षेत्र को किया गौरवान्वित देश कि सेवा में सरहद पर होंगे तैनात

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट जैसे छोटे से इलाके में रहने वाले रोपाखार के निवासी अरुण मिंज ने बड़ी उपलब्धि हासिल कर परिवार सहित मैनपाट का नाम बुलंदियों पर पहुंचाया है क्योंकि मैनपाट आदिवासी बाहुल्य इलाका जहां पढ़ाई का लेवल बेहद गंभीर रहता है बिजली और अन्य सुविधाएं नहीं मिल पाती लेकिन इन सबसे से ऊपर उठकर अरूण मिंज ने अपने सपनों को कायम रखा निरंतर अभ्यास कड़ी मेहनत और एकाग्रता बरकरार रखा इसी का नतीजा रहा कि वे आज़ इंडियन आर्मी के पद पर देश कि सेवा करने का अवसर मिला,,
आपको बता दें कि अरुण मिंज का जन्म मैनपाट रोपाखार अवराडाड में हुआं प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने अवराडाड जैसे स्कुल में प्राप्त कि फिर हाई स्कूल कि पढ़ाई कमलेश्वरपुर में हुआ
और धीरे से मैनपाट में कालेज कि स्थापना हुई जिसके बाद उन्होंने कालेज कमलेश्वरपुर नवीन महाविद्यालय में अबतक जारी है लेकिन संघर्ष जिस प्रकार से उन्होंने किया काबिले-तारीफ है।
क्योंकि मैनपाट एक छोटा सा गांव जिसे शिमला कहा जाता है लेकिन फिर भी यहां शिक्षा का अभाव है लेकिन अरूण मिंज ने जज्बाऐ जनुन के साथ हर संभव प्रयास किया और बिना कोई कोचिंग के उन्होंने यह मुकाम हासिल किया जिसके बाद उनके घर परिवार सहित मैनपाट मे उत्साह का माहौल है
और अरुण मिंज मैनपाट के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं

Picture of Ramjaan Khan

Ramjaan Khan

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज