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संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा में दो दिवसीय राष्ट्रीय वर्कशॉप का किया जाएगा आयोजन।

अंबिकापुर से माही सिंह राजपूत की खास रिपोर्ट

संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा में दो दिवसीय राष्ट्रीय वर्कशॉप का किया जाएगा आयोजन।

युवा शक्ति परिवर्तन की वाहक भी है और परिवर्तन की लाभार्थी भी है : कुलपति “

संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय वर्कशॉप का आयोजन दिनांक 03.02.2024 से 05.02.2024 तक किया जा रहा है। जिसका विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं विदेश नीति उभा विकसित भारत 2017 के विषय पर आयोजित किया गया। यह राष्ट्रीय वर्कशॉप राजीव गाँधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अम्बिकापुर एवं संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में विश्वविद्यालय के सभागृह में आयोजित की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती को दीप प्रज्वलन एवं पूजा अर्चना से प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम कि अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह एवं कार्यक्रम के मुख्य विषय वक्ता डॉक्टर रजाकर त्रिपाठी, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजीव मिश्रा, कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि कॉ. रिजवान उल्ला थे। कार्यक्रम के समन्वयक के रूप में श्री आनंद कुमार ने अपनी सहभागीता प्रदान की।

कार्यक्रम कि अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह ने विकसित भारत 2047 एवं भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विषय पर प्रकाश डाला।
उन्होने कहा कि भारत देश विश्व में एक उभरती शक्ति के रूप में अपनी भूमिका अदा कर रहा है। जिसमें भारत देश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते हुए एक विकासशील देश से विकसित देश के रूप में उभर रहा है। उन्होने कहा कि विकसित देश जाने से ही कार्य खत्म नही होगा बल्कि हम सभी को मिलकर भारत को विश्व में दृष्पि इंडेक्स में नम्बर वन बनाना है। लेवल पर कैप्टिा इंकम बढ़ाने से ही कार्य खत्म नही होगी बल्कि जितनी आमदनी है उतने में ही हमे खुश रहना एवं अपनी आपूर्तियों को पूर्ण करना आवश्यक है। उन्होने कहा कि हमें ग्रास नैशनल इंकम पर पिटा इनकम बॉस डोमेस्टिक प्रोडक्शन ह्यूमन डेवलेपमेंट इंडेक्त पर खरा उतरना आवश्यक है। विकसित देशों के पायदान पर है तथा इसके बाद अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी आदि देश आते है। उन्होने कहा युवा शक्ति परिवर्तन की वाहक भी है और परिवर्तन को लाभार्थी भी है।

कार्यक्रम में मुख्य विषय वक्ता के रूप में डॉ रत्नाकर त्रिपाठी, संपादक, टाइम्स ऑफ़ इंडिया एवं विजिटिंग फैकल्टी एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट पटना बिहार ने लोक संस्कृति और क्षेत्रीय भाषा पर आधारित सर्वे रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा की। अपनी रिसर्च के माध्यम से उन्होने भारत देश को एक सूत्र में बांधने हेतु किस तरह कार्य किया जाना है इस विषय पर विकसित भारत के संदर्भ में अपना सारगर्भित विचार रखें।
भोजपुरी भाषा को एक डिजिटल प्लेटफार्म में लाने का कार्य भी उन्होंने अपने शोध कार्य और सर्वे रिपोर्ट के द्वारा किए हैं जो आज विकसित भारत के निर्माण में भी इन लोक संस्कृति को एक बचाव और उनका संरक्षण प्रदान करते हैं उन्होंने हिमाचल में किए गए सर्वे 2020 में करीब भाषाओं का अध्ययन कर उनको भी डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से विकसित किए है। चाहे वह संगीत के क्षेत्र में हो या फिर भाषा के क्षेत्र में हो इन को सुरक्षित कर स्थानीय लोगों में उद्यम उद्यमिता को आगे बढ़ना भी इस सर्वे और रिसर्च का एक आधारभूत पहलू है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजीव मिश्रा, पूर्व भारतीय विदेश सेवा, भारत सरकार ने भारत के सापेक्ष में किस प्रकार विदेश नीति एक महत्वपूर्ण पहलू है इस विषय पर अपना वक्तव्य रखें। उन्होंने विकसित भारत 20 में विकसित देश बनने के लिए हमें अपना इकोनामिक को किस प्रकार बढ़ाना है उसे विस्तार से बताया। जैसे जीडीपी को ट्रिलियन डालर तक बढ़ाना होगा और उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत की वार्षिक वृद्धि दर लगभग 8 से 9 प्रतिशत करने की जरूरत है। आज भारत जीडीपी में विश्व का पांचवा सबसे बड़ा आर्थिक देश है जो की आने वाले दो तीन साल में तीसरी सबसे बड़े आर्थिक अर्थव्यवस्था वाली देश बन जाएगा। विश्व के अग्रणी देश की श्रेणी में भारत भी अपनी विदेश नीति के तहत एक प्रण और उद्देश्य को बढ़ावा देकर अन्य देशों से संबंध बेहतर बनाकर इसमें बढ़ोत्तरी कर पाएगा। उन्होने बताया कि विदेश नीति का भारत के विकास में विशेष योगदान होता है। उदाहरण के रूप में उन्होने बताया कि वर्ष 1990 के दशक में भारत के विदेश नीति के कारण ही देश कि साफ्टवेयर कंपनियों विदेशों में स्थापित हो पाई एवं हमारे योग्य युवाओं को रोजगार मिला।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय अपर संचालक, उच्च शिक्षा सरगुजा डॉ. रिजवान उत्ता ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विकसित भारत 20 के विषय में विभिन्न चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एवं उनका निराकरण कर भारत को आगे बढ़ाने की बात कही। आज भारत विकसित राष्ट्र का दर्जा प्राप्त करने की ओर अग्रसर है व 2047 तक सभी लक्ष्य को प्राप्त करना हम सभी का दायित्व है। इसके साथ ही साथ उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में उच्च शिक्षा विभाग की समग्र शिक्षा नीतियों पर जोर दिया व यह भी व्यक्त किया कि किस प्रकार रोजगार उन्मुखी पाठ्यक्रम के द्वारा सभी छात्रों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकते है।

कार्यक्रम में विषय वक्ता के रूप में डॉ. जुनैद खान एवं श्री हरि शंकर प्रसाद तोन्डे ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री बिनोद कुमार एक्का ने की कार्यक्रम के समन्वयक श्री आनंद कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। सरगुजा संभाग के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य, अध्यापकगण एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपनी सहभागीता दी। कार्यक्रम में विज्ञाविद्यालय के सभी प्रशासनिक अधिकारी एवं विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग के सभी ध्यापकगण तपस्थित रहे।

Shaif firdousi
Author: Shaif firdousi

KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !

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