
मां कुदरगढ़ी एल्यूमिना रिफाइनरी में फिर हादसा: ट्रक पलटने से चालक की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल बार-बार हादसे, बार-बार सवाल: मां कुदरगढ़ी रिफाइनरी में ट्रक पलटने से चालक की मौत !
Shaif firdousi अंबिकापुर/लुंड्रा– सरगुजा जिले के लुंड्रा जनपद अंतर्गत स्थित मां कुदरगढ़ी एल्यूमिना रिफाइनरी में सोमवार को एक बार फिर दर्दनाक हादसा हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मैनपाट से बॉक्साइट लेकर पहुंचे ट्रक क्रमांक CG 04 RY 2039 को खदान क्षेत्र में अनलोडिंग के दौरान हाइड्रोलिक से डाला उठाकर खाली किया जा रहा था। इसी दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे चालक उसके नीचे दब गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल चालक को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान सौरव घोष (40 वर्ष), पिता समर घोष, निवासी सत्यपिरतला सिलबगान, थाना चिनसूरा, जिला हुगली (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है।

पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे
यह पहला मामला नहीं है। सितंबर 2024 में भी इसी प्लांट में हुए भीषण औद्योगिक हादसे में चार श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस मामले की प्रारंभिक जांच में प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे का प्रमुख कारण माना गया था।
पुलिस ने उस समय प्लांट के जीएम राजकुमार सिंह, सुपरवाइजर रंजीत सारथी, प्रोडक्शन मैनेजर तेज मलानी, बॉयलर इंचार्ज वी.के. मिश्रा, राकेश कुमार तथा ठेकेदार विपिन मिश्रा सहित अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच समिति भी गठित की गई थी। जांच में उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने के लिए सुरक्षा मानकों की अनदेखी और क्षमता से अधिक कोयले का चूरा भरे जाने जैसी गंभीर लापरवाहियां सामने आई थीं।
विधायक ने जताई चिंता
घटना को लेकर लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने फोन पर चर्चा में कहा कि “फैक्ट्री प्रबंधन को अपने सुरक्षा मानकों को और बेहतर करना चाहिए। यदि इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करेगा और व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।”
प्लांट प्रबंधन ने क्या कहा ?
घटना के संबंध में जब SNT News ने प्लांट प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए शैलेश सिंह से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि “यह कार्य ट्रांसपोर्टर के माध्यम से कराया जा रहा था। ट्रक और चालक ट्रांसपोर्टर के अधीन थे, इसलिए इस मामले में जवाबदेही ट्रांसपोर्टर की होगी।”
अब उठ रहे हैं कई अहम सवाल
हालांकि, दुर्घटना प्लांट परिसर के भीतर हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अनलोडिंग के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था? यदि ट्रक ट्रांसपोर्टर का था, तो क्या प्लांट परिसर में सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना केवल ट्रांसपोर्टर की जिम्मेदारी थी, या प्लांट प्रबंधन की भी जवाबदेही बनती है?
लगातार सामने आ रहे हादसों ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब आवश्यकता केवल औपचारिक जांच की नहीं, बल्कि यह पता लगाने की भी है कि पूर्व में हुई दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा संबंधी सुधार वास्तव में लागू किए गए थे या नहीं। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
एक के बाद एक हो रही घटनाओं ने श्रमिकों और उनके परिजनों में भी चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Author: SNT NEWS
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