
ये देश जनतंत्र से चलेगा न की गन तंत्र या लाठी तंत्र से- कन्हैया कुमार अम्बिकापुर में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शांति मार्च और गांधी सुमिरन कार्यक्रम
अम्बिकापुर, 30 जनवरी 2026 – महात्मा गांधी जी की 78वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अंबिकापुर में रेहाना फाउंडेशन के तत्वाधान में एक भव्य शांति मार्च और गांधी सुमिरन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना और उनके सत्य, अहिंसा, और शांति के मार्ग पर चलने का संदेश देना था।
शांति मार्च की शुरुआत महामाया चौक से हुई, जिसमें युवा नेता और प्रखर वक्ता कन्हैया कुमार, रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सफी अहमद, कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, रेहाना फाउंडेशन के अध्यक्ष जावेद खान, संस्थापक सदस्य मोहम्मद शाहिद खान, अफरोज खान, दिनेश शर्मा सहित सैकड़ों गांधीवादी नागरिक और युवा शामिल हुए।

शांति मार्च
मौन शांति मार्च नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए स्वामी विवेकानंद चौक, अंबेडकर चौक और गांधी चौक गई। इन स्थानों पर सभी महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित किए गए। गांधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर गांधी चौक में गांधी जी की प्रतिमा पर विशेष आयोजन किया गया था जिसमे कन्हैया कुमार और आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने पुष्प अर्पित किया। इस दौरान सभी शांति मार्च यात्रियों ने गांधी जी के आदर्शों और उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
गांधी सुमिरन कार्यक्रम
शांति मार्च राजमोहिनी भवन पहुंची, जहां पर प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी गांधी सुमिरन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रमुख वक्ता के रूप में कन्हैया कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा, “यह देश गांधी का है, गोडसे का नहीं। जिसने राम का नाम जपते हुए एक बूढ़े के ऊपर तीन गोलियां दाग कर उन्हें शहीद कर दिया था। बापू के आखिरी शब्द जो निकले थे, वह हे राम थे। इस दौर में हमें महात्मा गांधी के हे राम तथा नाथूराम गोडसे के राम के बीच में जो फर्क है, उसके मर्म को समझने की जरूरत है।”
कन्हैया कुमार ने आगे कहा, “साजिश के तहत एक कहावत कही जाती है कि मजबूरी का नाम महात्मा गांधी है, जबकि मजबूती का नाम महात्मा गांधी है। महात्मा गांधी की मजबूती और स्वीकारिता ऐसी है कि गोडसे की पूजा करने वाले राजनेता भी राजघाट पर 30 जनवरी को जाकर बापू के सामने नतमस्तक होते हैं और अपना फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डालकर समाज में बापू के साथ जुड़ने का दिखावा करते हैं, और उनकी मजबूरी है।”
कन्हैया ने उन्होंने कहा, “गांधी की हत्या की गई, विचार की नहीं। गांधी का विचार सबको सुखी रखने का था। श्रीराम नाम आध्यात्मिक है, इस देश के आम जनमानस के धर्म में राम है तो स्वभाव गांधी। राम क्या है? राम वो हैं जिनका सौतेला भाई भरत उनसे प्रेम करते थे और राम उनसे। पर यहां राम को मानने वाले आपस में लड़ रहे हैं। इस देश में नाथूराम की राजनीति नहीं, गांधी की राजनीति चलेगी। किसी की पीड़ा को दूर करने के लिए आपके मन में अहंकार नहीं होना चाहिए।”
कन्हैया कुमार ने राजनेताओं पर तंज करते हुए कहा, “जनता के वोट से जीतते हैं और जीतने के बाद अपने घर के सामने लिखते हैं ‘कुत्ते से सावधान’। ऐसे लोगों से भी सावधान रहने की जरूरत आज है। हम किसी भी हिंसा के समर्थक नहीं, सत्य व अहिंसा के पुजारी से हिंसा की गई। तीन गोली मारी गई। गांधी जी तो हिंदू थे, अंग्रेज नहीं थे। गांधी को गोली मारने वाले ने किसी अंग्रेज को गोली क्यों नहीं मारी? यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए।”
आदित्येश्वर शरण सिंह देव का संबोधन
गांधी सुमिरन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा, “ये देश अगर बाग है तो गांधी उसके माली हैं। हिंदू धर्म में एक दूसरे को जोड़ता है। देश को खतरा असत्य से है, झूठ से है। गांधी के विचारों का जो महत्व है, उसको पूरी दुनिया जानती और मानती है। गांधी के विचार को समझना हर किसी के लिए आसान नहीं है, गांधी को समझने के लिए सत्य पर चलने वाला ईमानदार नागरिक बनना पड़ेगा, तभी गांधी को समझा जा सकता है।”
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गांधी जी के आदर्शों को अपनाने और उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मनरेगा और जनतंत्र की सुरक्षा पर भी चर्चा की गई, जिसमें कन्हैया कुमार ने कहा कि आज की सरकार जनतंत्र की इस व्यवस्था को गन तंत्र, लाठी तंत्र में बदलना चाहती है। उन्होंने कहा कि हम ऐसा अमीर देश बन रहे हैं जहां की जनता 5 किलो अनाज के लिए लाइन में लगती है। ये लोग जंगल, जमीन लूटने के बाद संविधान लूट लेंगे। वोट चोरी से बनी सरकार आपके अधिकार चोरी करेगी। मनरेगा का बजट कम कर दिया और कहते हैं 100 नहीं 125 दिन रोजगार देंगे, कैसे देंगे?
इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में गांधीवादी नागरिक और युवा शामिल हुए, जिन्होंने महात्मा गांधी के विचारों को याद किया और उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर द्वितेंद्र मिश्रा,आशीष वर्मा, जमील खान, अनूप मेहता, प्रशांत सिंह चीकू, तृप्तराज धनजल,जीवन यादव, चंद्र प्रकाश सिंह, अमित सिंह, केवल साहू, आशीष शर्मा सहित सैकड़ो गाँधी वादी उपस्थित थे।।

Author: SNT NEWS
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