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संघर्ष से प्रशासन तक: चौथी पोस्टिंग में सरगुजा कलेक्टर बने IAS अजीत बसंत, जानिए उनकी पूरी जीवनी

SHAIF FIRDOUSI EDITOR IN CHIEF

IAS Ajeet Vasant Biography : जन्म और शिक्षा: आईएएस अजीत बसंत का जन्म बिहार राज्य के मधुबनी जिले के ग्राम अंधराठाढ़ी में 20 जनवरी 1987 को हुआ था। उनके पिता व्याख्याता थें। उन्होंने अपने दसवीं तक की पढ़ाई पाकुर से की। स्कूलिंग के दौरान अजीत वसंत स्काउट गाइड में भी थे। स्काउट गाइड में रहते हुए बचपन में गणतंत्र दिवस के परेड के दौरान अजीत बसंत के मन में कलेक्टर बनने की इच्छा जागी।    अजीत वसंत पढ़ाई में अच्छे थे। उन्होंने दसवीं में अच्छे परसेंट लाकर ग्यारहवीं में गणित, भौतिकी, रसायन विषय लिया। आगे पहले उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के बारे में सोचा था। पर 12वीं पूरा होते तक उन्हें एहसास हुआ की मानविकी विषयों की तरफ उनका झुकाव ज्यादा है। इसलिए घर वालों को मना कर अजीत वसंत ने ग्रेजुएशन आर्ट्स से किया। उन्होंने इतिहास ऑनर्स लेकर बीए किया है।

दादा और पिता की थी इच्छा, अजीत बने कलेक्टर:–

स्कूलिंग के दौरान अजीत वसंत स्काउट गाइड में भी थे। स्काउट गाइड में रहते हुए बचपन में गणतंत्र दिवस के परेड के दौरान अजीत बसंत के मन में कलेक्टर बनने की इच्छा जागी। अजीत बसंत के दादा व पिता की भी इच्छा थी कि उनके परिवार का बेटा सिविल सर्विस में जाए। जिसे अजीत बसंत ने पूरा किया।

यूपीएससी से पहले भी की नौकरी:–

आईएएस अजीत वसंत का यूपीएससी में चयन से पहले भी अन्य सरकारी सेवाओं में चयन हुआ। एसएससी– सीजीएल निकाल कर अजीत वसंत ने सेवा की। वे असिस्टेंट अकाउंट ऑफिसर, असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर रहें। एसएससी सीजीएल की सर्विस में जाने के पीछे अजीत वसंत का उद्देश्य सरकारी नौकरी के तौर पर करियर विकल्प तैयार करना तो था ही साथ ही ऐसी जॉब खोजना भी था जिसमें तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाए। अच्छा रैंक होने के चलते अजीत वसंत को दिल्ली पोस्टिंग मिल गई और उन्होंने नौकरी के साथ तैयारी शुरू की।



2010 में पहला अटेम्प्ट:–

सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी अजीत बसंत का लक्ष्य आईएएस बनना था। उन्होंने अपना पहला अटेंप्ट 2010 में किया जिसमें प्री तो निकला पर मेंस नहीं निकल पाया। 2012 में अजीत वसंत ने दूसरा अटेम्प्ट दिया। दूसरे अटेम्प्ट में वे प्री मेंस व इंटरव्यू निकाल कर आईएएस के लिए चयनित हुए।

छत्तीसगढ़ में कहा कहा रहें पोस्टेड:–

अजीत वसंत छत्तीसगढ़ के अविभाजित राजनांदगांव जिले मोहला मानपुर के एसडीएम रहे। जांजगीर चांपा जिले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यापालन अधिकारी रहे। राज्य शासन के भौमिकी तथा खनी कर्म विभाग में संचालक रहें। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में अपर कलेक्टर रहें। राजनांदगांव जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रहें।

नारायणपुर पहला जिला, जहां कलेक्टर बनें:–

अजीत वसंत का कलेक्टर के रूप में पहला जिला नारायणपुर है। नारायणपुर जिले में उन्होंने नक्सल एरिया में काफी काम किया,आदिवासियों के लिए पेंशन, राशन, पट्टो का वितरण, दूरस्थ अंचल अबूझमाड़ के लोगों के इलाज के लिए वहां ऑपरेशन थियेटर (ओरछा सीएचसी) में करवाया। बच्चों की इंजीनयरिंग व मेडिकल पढ़ाई के लिए निशुल्क कोचिंग के अलावा पुलिस व आर्मी में जाने के लिए निशुल्क ट्रेनिंग दी जाती है। 65 सीट का दिव्यांग विद्यालय बनावाया। अजीत वसंत का कलेक्टर के रूप में दूसरा जिला मुंगेली रहा। कोरबा तीसरा जिला था। सरगुजा जिले में अजीत वसंत की कलेक्टर के रूप में चौथी पोस्टिंग हैं। अजीत वसंत की जीवन संगिनी डॉक्टर है

Shaif firdousi
Author: Shaif firdousi

KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !

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