
खबर का असर…..
मजदूरों की मेहनत लाई रंग, भटगांव की भूमिगत खदानों को मिला एक वर्ष का सीटीओ

संघर्ष और एकजुटता की मिसाल, क्षेत्र के 1100 मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर आया संकट टला
सरगुजा न्यूज़ टुडे रिपोर्टर भटगांव राजेश गुप्ता सलकाभटगांव:– एस.ई.सी.एल भटगांव की भूमिगत खदान संकट पर आधारित खबर अखबार में प्रकाशित समाचार और मजदूर संघ के अनिश्चितकालीन आंदोलन का बड़ा असर सामने आया है। लगातार संघर्ष, एकजुटता और नेतृत्व की दृढ़ता ने अंततः रंग लाया। भटगांव क्षेत्र की भूमिगत खदानों को पुनः एक वर्ष का सीटीओ (सहमति पत्र) प्रदान किया गया है, जिससे अब क्षेत्र के करीब 1100 मजदूरों की रोज़ी-रोटी सुरक्षित हो गई है।
आंदोलन की जीत, एकता की मिसाल
मजदूर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस सफलता को मजदूर वर्ग की जीत बताया है। संघ ने कहा कि यह संघर्ष केवल सीटीओ के लिए नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकार और अस्तित्व की रक्षा के लिए था। अगर संगठन एकजुट होकर आवाज़ उठाए, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।
संगठन ने जताया आभार
इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मजदूर संगठन ने क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े (महिला एवं बाल विकास), वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रदेश के मुख्यमंत्री, तथा एसईसीएल कंपनी प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया है। संगठन ने कहा कि सभी के सकारात्मक प्रयासों से भटगांव की खदानों को राहत मिली है और सैकड़ों परिवारों में फिर से खुशियां लौट आई हैं।
संघ का संदेश, संघर्ष जारी रहेगा
संघ के पदाधिकारियों ने कहा, हमारा संघर्ष मजदूरों की हक़ की लड़ाई थी और यह जीत सभी मेहनतकश भाइयों की है। संगठन आगे भी मजदूरों के अधिकार और सम्मान के लिए इसी तरह मजबूती से आवाज़ उठाता रहेगा।
भटगांव की अर्थव्यवस्था को मिला सहारा
विशेषज्ञों के अनुसार, खदानों के संचालन जारी रहने से न केवल मजदूरों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था, बाजार और परिवहन से जुड़े लोगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह फैसला भटगांव क्षेत्र की विकास यात्रा को नई दिशा देने वाला साबित होगा।
Author: Shaif firdousi
KTUJM से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की उपाधि प्राप्त !









